
दर्द भरे गीत गुनगुनाता हूँ मैं
मेरी आदत है, दर्द में चैन पाता हूँ मैं
कभी तन्हाई ने गले लगाया था मुझको
अब तन्हाई को गले लगाता हूँ मैं
अजीब हालत है- दिल की ही सुनता हूँ
दिल को ही अपनी बात सुनाता हूँ मैं
सुना था- किसी के रोने पर हँसती है दुनिया
लो अब रोकर दुनिया को हँसाता हूँ मैं
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