VARUN DEV
बुधवार, 21 जुलाई 2010
उमीद
तुम एक किरण नही
तुम तो पुरे प्रकाश की पुंज हो
तुम चारो दिशाओ में फैलने वाली गुन्ज हो
जिसकी एक लव पा कर चल देते है, लोग मिलो
फिर जिसे तुम मिल जाओ
उसकी मंजिल में क्या धुंद हो
क्या प्रकाश की देवी ज्योति तुम हो ?
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