बुधवार, 21 जुलाई 2010

उमीद

तुम एक किरण नही

तुम तो पुरे प्रकाश की पुंज हो

तुम चारो दिशाओ में फैलने वाली गुन्ज हो

जिसकी एक लव पा कर चल देते है, लोग मिलो

फिर जिसे तुम मिल जाओ

उसकी मंजिल में क्या धुंद हो

क्या प्रकाश की देवी ज्योति तुम हो ?

गुरुवार, 11 मार्च 2010

देव


मै देव तुम हो मेरी सुमन

हम तुम्हे चाहेगे जन्म जन्म

मै मर भी गया तो सुमन

म्ह्कुगा तेरे संग संग

कभी जमीं तो कभी गगन

फिर कहेगा ये चमन

देव का ही है सुमन